बीजेपी का उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को संदेश

बीजेपी जो आज राजनीति का पर्याय बन चुकी है भारत
में, अगर बीजेपी को कोई राजनीतिक रूप से हल्के में ले रहा है तो उसकी राजनीतिक असफलता निश्चित है, बीजेपी राजनीति नही करती है, वो जैसा चाहे वैसे राजनीति को अपने रंग रूप में ढाल रही है ।उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें अविश्वास प्रस्ताव से गुजरना पड़ेगा, धनखड़ ने आज से कुछ दिनों पहले किसानों को लेकर जिस तरह से बयान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समाने दिए, उससे शायद बीजेपी को काफी आलोचना झेलनी पड़ी । उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किसान पुत्र होने के नाते किसान और किसान आंदोलन से जुड़े कुछ सवाल बड़े गंभीर रूप से उठाए, लेकिन धनखड़ जी को यह पता नही था की बीजेपी की आलोचना और किसानों का समर्थन उनकी राजनीतिक जमीन को खोखला कर सकता है, क्योंकि अभी समय नरेंद्र मोदी और अमित शाह का चल रहा है, आप अगर उनके साथ है तो आप सब कुछ है और अगर विपरीत है तो जो पाया है वो भी कभी भी, कैसे भी आपसे छीन सकता है । हाल ही में लाए गए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में कही ना कही यह साफ और स्पष्ट संदेश था बीजेपी का, की वो किसी भी हालत में उनके विपरित और किसान आंदोलन को समर्थन करने वाले किसी भी इंसान को स्वीकार नहीं कर सकती है ।अविश्वास प्रस्ताव जिसे जरूर विपक्ष लेकर आया है, लेकिन परिपक्व राजनीतिक विचार रखने वाला इंसान आसानी से समझ सकता है किस प्रकार बीजेपी सरकार विपक्ष को भी गुमराह करके अपने राजनीतिक महत्वकांक्षा को हर सूरत में पूरी कर रही है । राजनीतिक रूप से अगर गणित लगाया जाए तो यह प्रस्ताव किसी भी हालात में बिना बीजेपी के सहयोग से पास नहीं हो सकता है, लेकिन अब जरा इसको दूसरे रूप से देखिए अगर बीजेपी अपने कुछ सांसदों से क्रॉस वोटिंग करवा दे तो ! शायद यह भारतीय इतिहास में पहला मौका था जब किसी राज्यसभा सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया और वो अब अगर पास भी हो जाय तो !  बीजेपी का इस प्रस्ताव से जगदीप धनखड़ को साफ सुथरा संदेश था की अगर बीजेपी चाहे तो आपके नाम को इतिहास में दर्ज करवा सकती है । यह एक डर है जिसे बीजेपी हर उस इंसान में पैदा करना चाहती है, और उसने पिछले 10 सालों में यह साफ साफ संदेश के रूप में कई  बार बगावत या पार्टी लाइन से हट के चलने वाले लोगों को दिया है। विपक्षी जिनमें राजनितिक स्वतंत्रता बहुत ज्यादा है जो आज के राजनीतिक वातावरण के लिए अनावश्यक है, लेकिन वही दूसरी ओर बीजेपी जहां लोकतंत्र नाम मात्र का है लेकिन राजनीतिक अनुशासन, प्रबंधन और कार्यनीति सबसे बेहतर है ।राजनीति, परिपक्वता और भविष्य में होने वाली घटनाओं का सटीक विश्लेषण है और जो पार्टी या इंसान इन चीजों को जितना बेहतरी से समझ पाता है, जमीन पे उतार पाता है वो राजनीति के शीर्ष पे होता है और आज के समय में नरेंद्र मोदी और अमित शाह इस चीज का सबसे बेहतर उदाहरण है, जिन्होंने यह साबित कर दिया है की राजनीति उनके लिए बनी है, विपक्ष को अभी काफी सोच विचार और मेहनत और बदलाव कि जरूरत है ।

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