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Showing posts from December, 2024

बीजेपी का उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को संदेश

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बीजेपी जो आज राजनीति का पर्याय बन चुकी है भारत में, अगर बीजेपी को कोई राजनीतिक रूप से हल्के में ले रहा है तो उसकी राजनीतिक असफलता निश्चित है, बीजेपी राजनीति नही करती है, वो जैसा चाहे वैसे राजनीति को अपने रंग रूप में ढाल रही है ।उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें अविश्वास प्रस्ताव से गुजरना पड़ेगा, धनखड़ ने आज से कुछ दिनों पहले किसानों को लेकर जिस तरह से बयान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समाने दिए, उससे शायद बीजेपी को काफी आलोचना झेलनी पड़ी । उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किसान पुत्र होने के नाते किसान और किसान आंदोलन से जुड़े कुछ सवाल बड़े गंभीर रूप से उठाए, लेकिन धनखड़ जी को यह पता नही था की बीजेपी की आलोचना और किसानों का समर्थन उनकी राजनीतिक जमीन को खोखला कर सकता है, क्योंकि अभी समय नरेंद्र मोदी और अमित शाह का चल रहा है, आप अगर उनके साथ है तो आप सब कुछ है और अगर विपरीत है तो जो पाया है वो भी कभी भी, कैसे भी आपसे छीन सकता है । हाल ही में लाए गए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में कही ना कही यह साफ और स्पष्ट संदेश था बीजेपी क...

गलत दिशा और दशा से गुजरता भारत

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भारत जो कभी नाम ही काफी था दुनिया के लिए, मुगलों से लेकर अंग्रेजो ने जिसने जैसा चाहा वैसे भारत को बनाया, लूटा, कानून बनाए, अत्याचार किए ।साल 1947 में फिर से हमारा भारत हमारे पास आया, अब ऐसा लगा कि हम फिर से दुनिया को दिशा, दर्शन और आध्यात्म से बेहतर करने के लिए कौशिश करेंगे।दुनिया भर की लूट मार से उभरते उस वक्त के हमारे पूर्वजों ने इस भारत और हमारी बेहतरी के लिए जो प्रयास 200 सालों तक किए उसका परिणाम हमारे सामने था । हम खुली हवा में श्वास ले सकते थे, हम कानून को हमारी समझ, हमारे दर्शन, और हमारी शिक्षा से बना सकते थे ।साल 1947 से आज तक हमारे भारत ने तर्रकी की है,इस बात से कोई मना नहीं कर सकता है, लेकिन साथ में यह संशय भी है की क्या आज हम जहा खड़े है दुनिया में, क्या हम इससे बेहतर कर सकते थे पिछले 70 सालों में ? जवाब होगा हां ।हम जहा आज खड़े है उससे कही बेहतर हम कर सकते थे अगर हमें सही दिशा और दर्शन मिला होता तो ! लेकिन शर्म इस बात की है की आज भी हम उसी दिशा और दशा से होते हुए गुजर रहे है ।इस भारत में मेहनतकश लोगों की कोई कमी नहीं है, हम यह बात दावे के साथ कह सकते है की दुनिय...