India & Narendra Modi

आज हमारे देश में एक नाम सबकी की जुबान पर है कुछ लोग की जुबान पर इसलिए की वो मोदी भक्त है जबकि कुछ लोगो की जुबान पर इसलिए क्युकी वो देशभक्त है | आज हमारे देश की यह सबसे बड़ी लड़ाई बन गयी है | दूसरी तरफ अगर आप सच बोलने की कोशिश करेंगे तो आपको देशद्रोही भी बनाया जा सकता है | हमारे देश में ब्रांडिंग और विदेशी खर्चो पर करोड़ो खर्च किये जा रहे है और कुछ लोगो में तो होड़ लगी हुई है कोन बेहतर ब्रांडिंग कर सकता है और कुछ ब्रांडिंग तो देशभक्ति के नाम पर |
अगर उम नरेन्द्र मोदी जी की बात करे तो आज ब्रांडिंग के मामले में और देश की जनता को पागल बनाने का अगर किसी ने सबसे ज्यादा काम किया है तो वो नरेन्द्र मोदी और बीजेपी ने किया है | पिछले तीन सालो से हमारे देश में उन उन बातो पर यह कहकर बहस हुई की यह सारे निर्णय हमारे देश में बदलाव लाएंगे | लेकिन आज नतीजे हमारे सामने है बदलाव तो दूर उन निर्णय का नुकसान हमारे देश की आम जनता को उठाना पड़ रहा है | हमारे देश में तीन साल में जो निर्णय लिए गये उनमे से  -

1.       स्वस्थ भारत अभियान
2.       मेक इन इंडिया
3.       बैंक अकाउंट
4.       नोटबंदी
5.       गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST)

यह वो निर्णय है जो नरेन्द्र मोदी जी और बीजेपी ने लिए है लेकिन आज इनका परिणाम शून्य है | जानते है क्यों क्युकी कोई भी काम करने के दो तरीके होते है एक वो जिसे आप वास्तविकता के लिए कर रहे है दूसरा यह की आप दिखावे के लिए कर रहे है और नेताओ की भाषाओ में कहू तो ब्रांडिंग या एडवरटाइजिंग करना है |

  स्वच्छ भारत अभियान

आज स्वस्थ भारत के नाम पर यह हालत है आपको स्वछता केवल मोदी जी के जाडू पकड़ने तक ही दिखाई देगी जब तक की मीडिया वाले उस पर अपनी न्यूज़ बनाएगे | वास्तविकता आप अपने आस सरकारी अस्पतालों, स्कूलो और मार्केटो मे देख सकते है  व अंदाजा लगा सकते है की स्वस्छता अभियान कितना सफल हुआ कितने और सफल होने की संभावना है |

   मेक इन इंडिया

मेक इन इंडिया के नाम पर करोड़ो खर्च किये जा रहे है लेकिन अभी तक हमारे देश के सामने ऐसा कोई मेक इन इंडिया उत्पाद नही आया है जिस पर हम कह सके की हां आने वाले समय में हम जापान ,अमेरिका, जर्मनी जैसे देशो की टेक्नोलॉजी का मुकाबला कर पाएंगे | लेकिन मेक इन इंडिया के नाम पर मार्केटिंग खूब की जा रही है | यह हमारे देश की वास्तविकता है जिसे हमें और गहराई से जानने की जरुरत की आखिर हमारे देश में हो क्या रहा है |

बैंक अकाउंट

पिछले एक या दो साल से बीजेपी वालो से पूछा जाय की मोदी जी क्या अच्छा काम किया तो वो सबसे पहले कहंगे की मोदी जी ने गरीब से गरीब व्यक्ति को बैंक से जोड़ने का काम किया है ताकि गरीब व्यक्ति अपने पैसे बैंक में जमा करवा सके सस्ते दाम पर लोन ले सके है | लेकिन जिस लोन को मुद्दा बना कर मोदी जी बैंक खाते को खोलने का बहाना बनाया उसकी वास्तविकता यह की भारत का कोई बैंक किसी भी गरीब व्यक्ति को लोन नही देना चाहता है या फिर उसे इस तरह से

परेशान किया जायेगा की वो स्वयं लोन लेने से इनकार कर देगा है | दूसरी बात इन गरीबो के जमा किये हुए पैसो से इस देश के अमीर लोगो को लोन दिया जायेगा | इन दोनों परिस्थिति में अगर सबसे ज्यादा कोई नुकसान में है तो वो हमारे देश का गरीब व्यक्ति और किसान है जिन के नाम पर हमारे देश में राजनीती भी होती है और साथ में आर्थिक शोषण भी |


नोटबंदी

8 नवम्बर 2016 ऐसा दिन जिसने लोगो की नीद छीन ली अमिर लोगो को दुःख होने लगा की अब क्या होगा वही दूसरी तरफ गरीब लोग को ख़ुशी हो रही थी की मोदी जी ने अपने काले धन का वादा पूरा कर लिया | लेकिन हमारे देश के गरीबो को कहा पता था की मोदी जी सिर्फ अमीरों के नेता है गरीबो को सिर्फ भाषण सुनाते है | नोट बंदी के 50 दिन बीते स्थितिया बिलकुल विपरीत थी जिन लोगो को दुखी होना था उन लोगो ने अपने कालेधन को बेंको के साथ मिलकर सफ़ेद कर दिया वही दूसरी तरफ गरीब व्यक्ति जो खुश हो रहा था की मोदी जी ने हमारे लिए यह निर्णय लिया है उसे सबसे ज्यादा मुसीबतों का सामना करना पड़ा  और ईमानदारी से कमाए हुए पैसो के लिए भी बेंको से भीख मांगनी पड़ी | इसी के चेलते कही बेंको की तो लोटरी लग गयी कही बेंक कर्मचारी रातो रात करोडपति, अरबपति बन गये |
इस नोट बंदी की वजह से हमारे देश के 400 लोगो की मोत हुई है जिनमे से अधिकतर लोगो किसान और गरीब थे | इन 400 लोगो ने बिना किसी वजह अपनी जान गवाई है |
आखिर क्या गुजर रही होगी इनके परिवार पर कभी हमने और मोदी जी ने सोचा ?
हमारे देश में देश्भक्तो की कोई कमी नही है यही वजह है देश में बदलाव लाने के लिए 400 क्या 4000 लोगो इस देश में बदलाव लाने के लिए अपनी जान दाव पर लगा सकते है लेकिन दुःख तब होता है जब कोई नेता अपने स्वार्थ के लिए या अपनी पार्टी के स्वार्थ के लिए ऐसे निर्णय लेता है |जिससे कोई फायदा नही होने वाला है जिन निर्णयों का परिणाम पहले से उन लोगो ने पहले से ही निश्चित किया होता है | लेकिन ऐसी परिस्थिति में उन 400 लोगो को बिना किसी वजह अपनी जान गवानी पड़ती है

गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST)

कुछ दिन पहले फिर से एक बार ऐसा निर्णय लिया गया जिसका नतीजा आज पता करना शायद मुस्किल है लेकिन अगर इस GST की तुलना दुसरे देशो से की जाय तो हमारे देश की GST का नियम कुछ चोकाने वाले है और आप शायद इसके सफल होने ना होने की कल्पना कर सकते है और अंदाज़ा लगा सकते है यह देश हित में है या नेताओ और पार्टियों के हित में है -
1.       जापान में 1989 में GST की तर्ज़ पर CONSUMPATION TAX  लागु किया जिसमे टैक्स की दर 3 प्रतिशत थी जिसे 1997 में बढाकर 5 प्रतिशत किया और 2012 में इसे 10 प्रतिशत किया गया |

2.       न्यूजीलैंड में GST 1986 में 10 प्रतिशत दर के साथ लाया गया था और 1989 में इसे 12.50 प्रतिशत कर दिया गया और 2010 में इसे बढाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया |

3.       ऑस्ट्रेलिया में GST 2010 में 10 प्रतिशत की दर से लागु किया गया था |

4.       हमारा पडोसी देशी पाकिस्तान जहा GST की दर 18 प्रतिशत है |
दुसरे देशो के GST के दर से आप अंदाज़ा लगा सकते की आखिर फिर क्यों हमारे उपर 12 18 28 की GST के दर लगाई जा रही है ?

चाणक्य जो हमारे देश के महान अर्थशास्त्री थे उन्होंने कहा था की

“ कभी भी किसी देश में टैक्स की दर 5 प्रतिशत से ज्यादा नही होनी चाहिय ”

हमारे देश से पहले 155 देशो ने GST को लागु किया लेकिन सभी देशो ने शराब और रियल एस्टेट को GST के दायरे में रखा लेकिन एक मात्र हमारा देश जहा शराब और रियल एस्टेट को GST से बहार रखा गया है
जबकि हमारे देश को सबसे ज्यादा अगर किसी ने बर्बाद किया है तो वो शराब और रियल एस्टेट है लेकिन इसके बावजूद हमारे मोदी जी ने इन दोनों को GST से बहार रखा है क्योंकी हमारे देश का अधिकतर कालाधन इन दोनों व्यवसाय में लगा हुआ है और मोदी जी और हमारे देश की पार्टियों को आखिर पैसा भी इन्ही दोनों वव्यवसाय से मिलता है |

लेकिन इन सब के बावजूद अगर हम इन बीजेपी और कांग्रेस वालो से हमारे देश में बदलाव की उम्मीद लागेये बढ़ेगे तो शायद हम आज दुनिया से 50 साल पीछे है और ऐसे ही चलता रहा तो 100 साल पीछे रहने में मात्र कुछ वर्ष लगगें  
इसलिए अब हमे निर्णय लेना की हमें आज जैसा भारत चाहिय या हमारे सपनो का भारत चाहिय क्युकी आज भी समय है हम हमारे देश को बदल सकते है |

इसलिये आपस में धर्म ओर जाती के नाम पर लड़ना बंद करो और आओ एक साथ होकर देश के लिए लड़ाई लड़े |

जय हिन्द | जय भारत 

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