India & Medical System

अगर आज हम हमारे प्रधानमंत्री जी की माने तो हमारे देश ने पिछले तीन सालो में खूब तर्रकी की 
है | यह बात में नही कह रहा हु यह बात हमारे देश को चलाने वाली सरकार कह रही है | इसमें कितने सच्चाई है मुझे लगता है यह तो आपको को किसी सरकारी अस्पताल में या गावो में जाकर ही पता लग सकती है | आज़ादी के 70 साल बाद आज भी हमारे देश में कही ऐसे लोग है जो बीमारियो के कारण या पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था न होने के कारण अपनी जान गवा रहे है | उनके जान गवाने के पीछे दो वजह है | पहला ग्रामीण इलाको में कारखानों का लगना और दूसरा इन कारखानों से होने वाली बीमारियों के उपचार के लिए पर्याप्त पैसो की कमी होना है |अक्सर आपने पढ़ा होगा हमारे देश के जितने भी अमीर व्यक्ति है वो अपनी छोटी से छोटी बीमारी का इलाज़ करवाने अमेरिका जाते है | कभी आपने सोचा की यह लोग अमेरिका क्यों जाते  ? उसकी एक सामान्य वजह है क्युकी अमेरिका अपनी GDP का 18 प्रतिशत पैसा अपने देश की चिकित्सा व्यवस्थाओ पर खर्च करता है और उनकी आबादी हमारे देश की आबादी की एक तिहाई है 

जबकि हमारे देश में GDP  का मात्र 4.2 प्रतिशत ही चिकित्सा व्यवस्थाओ पर खर्च किया जाता है | लेकिन इन सब परिस्थितियों के बावजूद आप आप हमारे देश की सता में रहने वाली हर एक पार्टियों और उनके नेताओ को यह कहते सुन सकते है की आज हमारे देश की चिकित्सा व्यवस्था दुनिया के दुसरे देशो से कही बेहतर है | कभी कभी यह लोग हमें 5000 साल पुरानी आयुर्वेदिक चिकित्सा व्यवस्था की बात बताकर या सुश्रुत जी की सर्जरी के बारे में बताकर यह लोग  हमको भारतीय होने का गर्व जरुर महसूस करवा देंगे लेकिन वर्तमान भारतीय चिकित्सा व्यवस्था की स्तिथि उन महान ऋषि चरक या सुश्रुत जी के भारत के समान के लिए किये गये योगदान के सामने दयनीय नजर आती है क्युकी अगर हम उन लोगो के समानांतर चलते तो आज हम दुनिया में सबसे आगे होते |
हमारे देश के नेताओ को अगर वास्तव में लगता है हमारी चिकित्सा व्यवस्था आज दुनिया से बेहतर है तो क्यों अपने इलाज़ के लिए विदेश जाते है | हमारे देश में कई नेता ऐसे है जो अपनी छोटी से छोटी बीमारी का इलाज़ करवाने विदेश जाते  है क्युकी उने स्वयं हमारे देश की  आज की चिकित्सा व्यवस्था ठीक नही लगती है | लेकिन दूसरी तरफ हमारे देश की आम जनता से यह लोग झूठ बोलते है 
में आपको सरकारी अस्पताओ का एक छोटा सा उदाहरण बताता हु आप अपनी आँखों की कोई भी समस्या सरकारी अस्पताल  लेकर जाहिए उनकी एक  स्थायी  दवाई है - carboxymethyl Cellulose  ऐसे ही बुखार के साथ जाहिए वो आपको Paracetamole  देंगे उने फर्क नही पड़ता की वो व्यक्ति ठीक होगा या नही | जबकि हमारे देश की सरकारे इन सरकारी अस्पतालों के नाम पर करोडो रूपये पानी की तरह खर्च कर रही है लेकिन फिर भी हमारे देश में सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच की दूरी को कम नही कर पाई है | आज भी हमारे नेता सरकारी शब्द की परिभाषा नही बदल पाए है दूसरी तरफ इन सब सरकारी नेताओ की नाकामीयो के कारण आज हमारे देश के व्यापारी खूब फायदा उठा रहे है और गरीबो से बीमारी और उनकी जान को बचाने के नाम पर खूब लुटने का काम कर रहे है इन सब परिस्थितियों के लिए डॉक्टरो से ज्यादा में इस देश के नेताओ को जिम्मेदार ठहराता हु क्युकी हमारे देश के नेताओ की नियति सही नही है और इन सब स्तिथियो के कारण  आज हमारे देश के गरीब व्यक्ति को बिना वजह अपनी जिन्दगी से हाथ धोना पड़ रहा है

अब ज़रा सोचिये खास उन गरीबो को भी अगर सही समय और सही कीमत पर इलाज़ मिल जाय तो सायद हम हमारे भारत की स्तिथि बदलते देख सकते है

 

आओ मिलकर कुछ करे | इस देश को बदलने के लिए

 

जय जवान | जय किसान |


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